स्कोलियोसिस के लिए न्यूनतम चीरे वाली थोरैकोस्कोपिक सर्जरी

बैरन एस. लोनर, एम.डी.
ऑर्थोपीडिक सर्जन

देश में इस तरह की सर्जरी करने वाले कुछ गिने चुने सर्जनों में से एक होने के नाते, इस आधुनिकतम सर्जिकल तकनीक के बारे में कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारी देने में मुझे खुशी महसूस हो रही है।

गंभीर थोरैसिक स्कोलियोसिस के मरीज़ों की विकृति ठीक करने के लिए कभी-कभी सर्जरी ज़रूरी होती है। पारपंरिक स्पाइनल सर्जरी में आम तौर पर, पीठ के बीच में ऊपर और नीचे बड़े चीरे लगाये जाते हैं और रीढ़ की हड्डी तक पहुँचने के लिए पीठ की पेशियों को अलग दिशा में फैलाया (या खींचा) जाता है। इसे आम भाषा में “खुली” तकनीक कहा जाता है। इस तरह की सर्जरी में अक्सर लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है, ठीक होने में काफ़ी लंबा और दर्द भरा समय लगता है तथा मरीज़ के शरीर पर एक बड़ा निशान पड़ जाता है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बढ़ते कदमों को धन्यवाद है कि अब इस प्रकार की स्कोलियोसिस के बहुत से मरीज़ों के लिए वीडियो-असिस्टेड थोरैकोस्कोपिक सर्जरी (VATS) नाम की न्यूनतम चीरे वाली तकनीक उपलब्ध है।

प्रक्रिया

VATS एक न्यूनतम चीरे वाली सर्जिकल प्रक्रिया है। जैसा कि नाम से ही पता चलता है, न्यूनतम चीरे वाली स्पाइन सर्जरी में सर्जन को त्वचा पर छोटे चीरे लगाने होते हैं और पेशियों को बड़े पैमाने पर खींचने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

VATS प्रक्रिया में मरीज़ को करवट के बल लिटा दिया जाता है। छाती की दीवार में बगल की ओर अनेक छोटे-छोटे चीरे लगाये जाते हैं, जिन्हें पोर्टल कहते हैं, और एक फेफड़े से हवा निकाल दी जाती है (इसे एक फेफड़े से साँस लेना कहते हैं) ताकि रीढ़ की हड्डी के थोरैसिक इलाके तक पहुँच बढ़ाई जा सके। इनमें से एक चीरे से एक पतला, टेलीस्कोप जैसा उपकरण (एंडोस्कोप), जिसके सिरे पर एक छोटा-सा वीडियो कैमरा और लाइट लगी रहती है, प्रविष्ट कराया जाता है। इसकी सहायता से मैं ऑपरेशन रूम में कम्प्यूटर मॉनिटर पर, शरीर के “अंदर” की रीढ़ की हड्डी के वीडियो चित्र देख सकता हूँ। अन्य चीरों के ज़रिये छोटी, ख़ाली ट्यूब्स प्रविष्ट कराई जाती हैं। इसके बाद, वीडियो मॉनिटर को गाइड के समान प्रयोग करते हुए मैं पोर्टल्स के ज़रिये विशेष सर्जिकल उपकरण अंदर डालकर, स्कोलियोसिस को ठीक करने के लिए आवश्यक फ़्यूज़न सर्जरी करता हूँ।

स्कोलियोसिस को ठीक करने के लिए संयोजन (फ़्यूज़न)

स्कोलियोसिस मरीज़ों में रीढ़ की हड्डी को सीधी और स्थिर करने के लिए रीढ़ की हड्डी की संयोजन (स्पाइनल फ़्यूज़न) सर्जरी की जाती है। VATS प्रक्रिया की मदद से मैं एंडोस्कोप और वीडियो मॉनिटर का प्रयोग करके, रीढ़ की हड्डी के झुकाव के स्थान से कशेरुकाओं के बीच की चक्रिकायें और उनसे जुड़ी कशेरुकाओं की एंडप्लेटों को हटा सकता हूँ। उसके बाद, मरीज़ की पसली से लिये गये हड्डी के ग्राफ़्ट को कशेरुकाओं के बीच जमा दिया जाता है ताकि वे आपस में “फ़्यूज़” हो जायें। सर्जरी द्वारा एक रॉड और पेंच भी लगा दिये जाते हैं ताकि झुकाव को सीधा करना सुनिश्चित किया जा सके और सफलतापूर्वक फ़्यूज़न होने में भी मदद मिले। कुछ ख़ास प्रकार के थोरैसिक झुकावों से पीड़ित किशोरों तथा नव-वयस्क मरीज़ों में, यह सर्जरी केवल इसी तरीके से की जा सकती है। गंभीर प्रकृति के और कठोर हो चुके झुकाव से पीड़ित वयस्कों में VATS और पारंपरिक तकनीकों की संयुक्त प्रक्रिया की ज़रूरत हो सकती है।

ठीक (स्वस्थ) होना

VATS प्रक्रिया के इस्तेमाल से थोरैसिक स्कोलियोसिस को दुरुस्त किए जाने से स्पाइनल सर्जरी में हुई उल्लेखनीय प्रगति का पता चलता है। इस प्रक्रिया से मरीज़ के जल्दी ठीक होने में भी मदद मिलती है। एंडोस्कोपिक इंस्ट्रुमेंटेशन कराने वाले मेरे अधिकतर मरीज़ सर्जरी के दूसरे ही दिन बिस्तर से उठकर चलने-फिरने लगते हैं और कुछ ही दिनों में उनको अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है! सर्जरी के बाद तीन महीने तक स्पाइनल ब्रेसिंग ज़रूरी है।

मामले के उदाहरण

इस किशोर उम्र की लड़की के 50 डिग्री के झुकाव का थोरैकोस्कोपिक तकनीक से इलाज किया गया, जिससे इसके झुकाव में उत्कृष्ट सुधार हुआ है। ध्यान दें कि लम्बर झुकाव में बिना ऑपरेशन के अपने आप सुधार हुआ है। यह भी ध्यान दें कि इस प्रक्रिया में जो छोटे चीरे लगाये गये, उनके निशान कहीं दिखाई नहीं देते।

क्या यह सबके लिए है?

न्यूनतम चीरे वाली थोरैकोस्कोपिक तकनीकें, जैसे कि VATS, थोरैसिक स्कोलियोसिस के सभी रोगियों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, ख़ास तौर पर उन मरीज़ों के लिएः
* जो केवल एक फेफड़े से साँस लेना बर्दाश्त नहीं कर सकते
* जिनको फेफड़ों का कोई गंभीर रोग या संक्रमण हो
* जिनकी पहले भी आगे की ओर से सर्जरी हो चुकी हो
* जिन्हें दोहरा थोरैसिक झुकाव हो

लेकिन, मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता हमेशा अपने मरीज़ों को सर्वश्रेष्ठ देखभाल उपलब्ध कराना है, न कि केवल आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का उपयोग करना। पिछले कुछ वर्षों के दौरान “पारंपरिक” सर्जरी में भी काफ़ी उन्नति हुई हैं, जिनकी वजह से हम झुकाव को अधिक दुरुस्त कर सकते हैं और मरीज़ की सभी गतिविधियाँ जल्दी शुरू की जा सकती हैं (अक्सर 3-4 महीनों के अंदर)। इस कारण से, मैं पारंपरिक सर्जिकल ऑपरेशन करना जारी रखता हूँ क्योंकि अक्सर सफल इलाज के बेहतरीन विकल्प वही होते हैं। यदि आपको या आपके बच्चे को थोरैसिक स्कोलियोसिस है, तो हम आपके मामले पर आपके साथ चर्चा कर सकते हैं और सर्वश्रेष्ठ इलाज की योजना तय कर सकते हैं।


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