एम आर आई (MRI)

हमारे संगठन के चिकित्सा पेशेवर निदान की प्रक्रिया को बेहद गंभीरता से लेते हैं, क्योंकि रीढ़ की हड्डी की विकृति का सफल इलाज हमेशा सही निदान पर ही निर्भर होता है। हमारे द्वारा प्रयुक्त निदान के साधनों में से एक है मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (MRI) जिससे हमें रीढ़ की अनेक बीमारियों, जैसे कि संक्रमण, तंत्रिकाओं का दबना, डिस्क हर्नियेशन (चक्रिका का हर्नियाग्रस्त होना), सुषुम्ना का दबना, पीठ के निचले हिस्से और गर्दन के दर्द, और ट्यूमर का पता लगाने में मदद मिलती है।

MRI क्या है?

MRI स्कैन से बेहद व्यापक चित्र प्राप्त होते हैं, जिनसे कोमल ऊतकों के रोगों का पता आसानी से लगाया जा सकता है, CT स्कैन और एक्स-रे में ऐसा नहीं होता। MRI का एक और फ़ायदा यह है कि इसमें शरीर के अलग-अलग पहलुओं से चित्र प्राप्त होते हैं जिससे विभिन्न पहलुओं से शरीर रचना का अध्ययन संभव होता है।

शारीरिक प्लेन विवरण
कोरोनल प्लेन (सामने की ओर से) शरीर को सर से पैर तक दो खड़े हिस्सों में बाँटा जाता है, सामने का हिस्सा और पीछे का हिस्सा।
सैजिटल प्लेन (बगल की ओर से) शरीर को सर से पैर तक दो खड़े हिस्सों, बाँये और दाहिने, में बाँटा जाता है।
एक्सियल प्लेन (ट्रांसवर्स प्लेन) शरीर को कमर से दो समानांतर हिस्सों, ऊपर और नीचे में बाँटा जाता है।

MRI उपकरण
स्कैनिंग प्रक्रिया शुरू होते समय मरीज़ को एक पैडयुक्त मोटराइज़्ड मेज़ पर लेटाते हैं, जो MRI “ट्यूब” के अंदर-बाहर सरकती है। MRI ट्यूब के अंदर मरीज़ के तीन तरफ़ शक्तिशाली चुंबक लगे होते हैं। कुछ नई MRI मशीनें बगल से “खुली” होती है। खुली स्कैनिंग उन मरीज़ों के लिए लाभप्रद रहती है, जिन्हें बंद स्थानों में डर लगता है, हालाँकि इसके चित्र कभी-कभी उतने अच्छे नहीं आते, जितने “पारंपरिक” MRI उपकरणों के आते हैं।

तकनीशियन MRI मशीन को मरीज़ के पास के कमरे से संचालित करता है, जिसमें एक बड़ी खिड़की होती है। पूरी प्रक्रिया के दौरान तकनीशियन मरीज़ को देख और उससे बातें कर सकता है। उपकरण को अलग कमरे से चलाना इसलिये ज़रूरी होता है ताकि कम्प्यूटर को शक्तिशाली चुंबकीय शक्ति से बचाया जा सके।

जाँच-पूर्व तैयारी

MRI के लिए किसी विशेष शारीरिक तैयारी की ज़रूरत नहीं होती। जाँच से पहले मरीज़ को अपने खान-पान पर रोक लगाने की भी ज़रूरत नहीं होती, जब तक कि कंट्रास्ट माध्यम (डाई) का प्रयोग न होना हो। अगर कंट्रास्ट एंजेट का प्रयोग होना हो, तो हर मरीज़ को जाँच-पूर्व व्यक्तिगत निर्देश दिये जाते हैं।

जाँच से पूर्व मरीज़ से सभी गहने और धातु की वस्तुयें हटाने और चिकित्सा गाउन पहनने को कहा जाता है।

कुछ मरीज़ MRI के योग्य पात्र नहीं होते। प्रतिबंधों में शामिल हैं:

  • पेसमेकर
  • एन्यूरिज्म क्लिप्स
  • हड्डियों और दाँतों के बीच लगी धातु की कुछ वस्तुएँ, जिनमें रीढ़ की हड्डी की स्टील रॉड भी शामिल है
  • शरीर बहुत बड़ा है
  • गर्भावस्था (गर्भस्थ शिशु को होने वाले नुकसान का पता नहीं है)

प्रक्रिया के दौरान

मरीज़ तकनीशियन से बातचीत कर सकते हैं। प्रक्रिया के दौरान भरोसा दिलाने के लिए एक व्यक्ति को मरीज़ के पास बैठने दिया जाता है।

जाँच के दौरान मरीज़ को भरसक बिना हिले-डुले रहना चाहिए। इस जाँच में 30 मिनट से एक घंटा लगता है।

निष्कर्ष

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CT स्कैन
CT मायलोग्राम

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