श्यूएरमैन्स काइफ़ोसिस

बगल से देखने पर (सैजिटल प्लेन) रीढ़ की हड्डी में तीन मुख्य झुकाव दिखाई देते हैं:

  • गर्दन में (सर्वाइकल स्पाइन) 20-40 डिग्री का, अंदर को घूमा हुआ, कॉनकेव झुकाव (लॉर्डोसिस)।
  • छाती में लगभग 20-40 डिग्री का, बाहर को घूमा हुआ, कॉनवेक्स झुकाव (काइफ़ोसिस या कूबड़)।
  • पीठ के निचले हिस्से में (लम्बर स्पाइन) लगभग 30-50 डिग्री का, अंदर को घूमा हुआ एक और कॉनकेव झुकाव (स्वे बैक)।

इस तरह रीढ़ की सामान्य हड्डी में भी स्वाभाविक रूप से झुकाव होते हैं। लेकिन, कुछ लोगों में ये झुकाव कम या ज़्यादा हो जाते हैं। जब झुकाव असामान्य रूप से कॉनवेक्स हो जाता है, विशेषतः थौरैसिक स्पाइन में, तब कहा जाता है कि मरीज़ को हाइपरकाइफ़ोसिस है।

काइफ़ोसिस के प्रकार और लक्षण
ऐसे अनेक महत्त्वपूर्ण शब्द हैं, जिनका प्रयोग विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न प्रकार की काइफ़ोसिस का वर्णन करने में किया जाता हैः

  • पॉस्चरल कर्व - इस प्रकार के झुकाव में लचीलापन रहता है और इसका कारण मुख्य रूप में बैठने उठने का ख़राब ढंग होता है। इस झुकाव को मरीज़ प्रयास करके ठीक कर सकता है।
  • स्ट्रक्चरल कर्व - इस प्रकार के झुकाव को मरीज़ खुद ठीक नहीं कर सकता। इस झुकाव में अक्सर एक तीखा कोणीय घुमाव होता है, जिसे गिब्बस (Gibbus) कहते हैं। यह मरीज़ के आगे झुकने या उसे बगल से देखने पर और अधिक स्पष्ट होता है।
  • सेकडंरी काइफ़ोसिस - हाइपरकाइफ़ोसिस अक्सर रीढ़ की हड्डी की किसी अन्य समस्या का नतीजा (सेकडंरी) होती है, जैसे कि एक या अधिक कशेरुकाओं का फ्रैक्चर या जब अनेक चक्रिकाओं में ह्रास हो गया हो और उनकी ऊँचाई कम हो गई हो।
  • प्राथमिक काइफ़ोसिस - प्राइमरी काइफ़ोसिस, रीढ़ की हड्डी की किसी अन्य समस्या के परिणामस्वरूप नहीं होती। प्राथमिक काइफ़ोसिस का सबसे आम रूप है – श्यूएरमैन्स डिज़ीज़। श्यूएरमैन्स का ठीक कारण ज्ञात नहीं है, हालाँकि इसे एक पारिवारिक प्रवृत्ति के रूप में उत्पन्न होते देखा गया है। इस बीमारी का पता पहली बार 12-14 वर्ष की आयु के किशोरों में चलता है, हालाँकि यह उससे पहले भी शुरू हो सकती है। यह बीमारी स्त्रियों में पुरुषों की अपेक्षा अधिक पाई जाती है।

निदान
अधिकतर मरीज़ डॉक्टर के पास तब जाते हैं, जब उन्हें अपनी पीठ के कॉनवेक्स कर्व का पता चलता है। कुछ मरीज़ पीठ के दर्द के कारण भी डॉक्टर के पास जाते हैं, ख़ास तौर पर वे किशोर, जिन्हें थौरैकोलम्बर काइफ़ोसिस होती है।

थोरैसिक स्पाइन में कॉनवेक्स कर्व होने के साथ-साथ कुछ मरीज़ों में लम्बर स्पाइन का कम्पेन्सेटरी कर्व भी विकसित हो जाता है।

डॉ. लोनर आपके रोग का सही निदान करने के लिए अनेक निदानात्मक तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

शारीरिक जाँच से आपका झुकाव नज़रों के सामने आ जाता है। आपको सामने झुकाकर पता लगाया जायेगा कि क्या थौरैकोलम्बर झुकाव है। इसके अलावा, डॉक्टर घुटने के पीछे की हैमस्ट्रिंग पेशियों में कसाव और रीढ़ की हड्डी की कुछ पेशियों में दबाव से होने वाले दर्द का भी पता लगायेंगे। ये दोनों श्यूएरमैन्स काइफ़ोसिस के सामान्य लक्षण हैं।

कम से कम दो विशेष एक्स-रे लिये जायेंगे। पहला होगा मरीज़ को खड़ा कर उसका बगल से लिया जाने वाला एक्स-रे और दूसरा होगा ख़डा रहते हुए सामने से लिया जाने वाला एक्स-रे। इनसे बगल की ओर के झुकावों (सैजिटल प्लेन) की पहचान की जाती है, और यह पता लगाया जाता है कि क्या झुकाव सामने की ओर भी है।

एक्स-रे के अलावा रीढ़ की हड्डी के और विस्तृत चित्र पाने के लिए हम MRI कराने को भी कह सकते हैं।

आपके झुकाव के अर्धव्यास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। यदि अर्धव्यास अपेक्षाकृत बड़ा है, तो उससे संकेत मिलता है कि झुकाव सीधा है। छोटे अर्धव्यास से संकेत मिलता है कि झुकाव तीखा और कोणीय है। जो झुकाव अधिक कोणीय होते हैं, उनके बढ़ने की संभावना अधिक होती है।

उपचार के विकल्प
यदि किसी किशोर में थौरेसिक काइफ़ोसिस 70 डिग्री से अधिक है तो यह स्पष्ट दिखाई देने वाली विकृति है। उस झुकाव को और बढ़ने से रोकने के लिए सामान्यतः इलाज की राय दी जाती है।

ग़ैर-ऑपरेशन उपचार
श्यूएरमैन्स काइफ़ोसिस का पहला ग़ैर-ऑपरेशन इलाज है, ब्रेस का उपयोग ताकि झुकाव और न बढ़े। यह ब्रेस विशेषज्ञ द्वारा इस तरह तैयार की जाती है जिसमें अधिक से अधिक आराम मिल सके और इसे कपड़ों के नीचे पहना जा सकता है।

इसके अलावा, रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बनाये रखने और पेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए हम सावधानी से तैयार किया गया व्यायाम और फ़िज़िकल थेरेपी का कार्यक्रम भी बता सकते हैं।

सर्जिकल उपचार
यदि ग़ैर-ऑपरेशन उपचारों के बावजूद झुकाव का बढ़ना जारी रहता है, या जब काइफ़ोसिस गंभीर होती है, तब सर्जरी के बारे में विचार किया जा सकता है। सर्जरी के पात्र वे मरीज़ होते हैं जिन्हें:

  • कड़ा थोरैसिक झुकाव हो जो लगातार बढ़ रहा हो और 80-90 डिग्री से ज़्यादा हो
  • कड़ा थोरैकोलम्बर झुकाव जो 60-70 डिग्री से ज़्यादा हो
  • पस्त कर देने वाला पीठ का दर्द हो

सर्जिकल प्रक्रिया आपकी विशेष बीमारी को देखते हुए तय की जायेगी। डॉ. लोनर इस सर्जरी के अनेक भिन्न-भिन्न तरीकों के माहिर हैं, जिसमें रीढ़ की हड्डी के सामने से, पीछे से, या आगे और पीछे से संयुक्त रूप से ऑपरेशन किया जाना शामिल है।

इसमें रीढ़ की हड्डी की सीध दुरुस्त करने और झुकाव को बढ़ने से रोकने के लिए संभवतः अनेक कशेरुकाओं के संयोजन और साथ ही उपकरणों (जिनमें हुक्स, पेंच और रॉड्स शामिल हैं) का प्रयोग किया जायेगा।

मामले के उदाहरण

इस 16 वर्ष बालक को 120 डिग्री की काइफ़ोसिस थी (सामान्य स्तर हैः 20-50 डिग्री)। इसका इलाज पीछे की ओर से ऑपरेशन करके किया गया, जिसमें ऑस्टियोटॉमी भी शामिल थी। इसके फलस्वरूप इसका झुकाव 35 डिग्री दुरुस्त होकर रह गया।

ठीक (स्वस्थ) होना
श्यूएरमैन्स काइफ़ोसिस की सर्जरी एक बड़ी प्रक्रिया है, जिसके बाद स्वस्थ होने में लंबा समय लगता है और उस दौरान सावधानी से रहना पड़ता है। सर्जरी से पहले Scoliosis Associates की टीम आपको समझायेगी कि ठीक होने के समय के दौरान क्या उम्मीद की जा सकती है। सर्जरी के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने, हल्का व्यायाम शुरू करने और अपने स्कूल या काम पर वापस लौटने तक हर चरण के दौरान वे आपको निर्देश और प्रोत्साहन देते रहेंगे।

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